Tax & Finance

Capital Gains Tax — दरें, छूट और कैलकुलेशन गाइड

भारत में Capital Gains Tax की पूरी गाइड। STCG और LTCG दरें, Section 54, 54EC, 54F छूट, और ITR में कैसे रिपोर्ट करें।

10 मिनट पढ़ने का समय
⚠️
अस्वीकरण: यह एक स्वतंत्र सूचनात्मक गाइड है। हम किसी भी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं हैं। कृपया हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जाँच करें।

आधिकारिक लिंक

Capital Gains क्या है?

जब आप कोई कैपिटल एसेट — जैसे प्रॉपर्टी, शेयर, म्यूचुअल फंड, सोना, या बॉन्ड — खरीद मूल्य से ज़्यादा पर बेचते हैं, तो मुनाफे को Capital Gain कहते हैं। यह इनकम टैक्स एक्ट के तहत टैक्सेबल है।

STCG vs LTCG

पैरामीटर Short Term Capital Gains (STCG) Long Term Capital Gains (LTCG)
होल्डिंग अवधि निर्धारित अवधि से कम निर्धारित अवधि से ज़्यादा
प्रॉपर्टी 24 महीने से कम 24 महीने से ज़्यादा
लिस्टेड शेयर/इक्विटी म्यूचुअल फंड 12 महीने से कम 12 महीने से ज़्यादा
डेट म्यूचुअल फंड कोई भी अवधि (स्लैब रेट) N/A (2023 से स्लैब रेट)
सोना/ज्वैलरी 24 महीने से कम 24 महीने से ज़्यादा

टैक्स दरें (FY 2025-26)

एसेट टाइप STCG दर LTCG दर
लिस्टेड शेयर/इक्विटी म्यूचुअल फंड 20% 12.5% (₹1.25 लाख से ज़्यादा पर)
प्रॉपर्टी स्लैब दर 12.5% (बिना indexation)
सोना स्लैब दर 12.5% (बिना indexation)
डेट म्यूचुअल फंड स्लैब दर स्लैब दर
अनलिस्टेड शेयर स्लैब दर 12.5%

नोट: Budget 2024 से Indexation बेनिफिट हटा दिया गया है। LTCG अब फ्लैट 12.5% दर पर है।

प्रमुख छूट (Exemptions)

Section 54 — प्रॉपर्टी बेचकर नई प्रॉपर्टी खरीदें

  • कौन: व्यक्ति/HUF
  • शर्त: रेज़िडेंशियल प्रॉपर्टी बेचकर 2 साल में नई खरीदें या 3 साल में बनवाएँ
  • छूट: Capital Gain या नई प्रॉपर्टी की कीमत (जो कम हो)
  • अधिकतम: ₹10 करोड़

Section 54EC — कैपिटल गेन्स बॉन्ड में निवेश

  • किसी भी लॉन्ग-टर्म कैपिटल एसेट की बिक्री पर
  • बिक्री के 6 महीने के भीतर NHAI/REC बॉन्ड में निवेश
  • अधिकतम: ₹50 लाख
  • लॉक-इन: 5 साल

Section 54F — गैर-रेज़िडेंशियल एसेट बेचकर घर खरीदें

  • शेयर, सोना, आदि बेचकर रेज़िडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदें
  • पूरा Sale Consideration (सिर्फ़ गेन नहीं) निवेश करना होगा

Capital Gains कैसे कैलकुलेट करें

फॉर्मूला:

Capital Gain = Sale Price - Cost of Acquisition - Transfer Expenses

ITR में कैसे रिपोर्ट करें

  • ITR-2 या ITR-3 में Schedule CG भरें
  • हर एसेट का अलग-अलग विवरण दें
  • छूट क्लेम करने पर संबंधित Section का विवरण भरें
  • एडवांस टैक्स: Capital Gains होने पर तिमाही एडवांस टैक्स भरना ज़रूरी हो सकता है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q: ₹1.25 लाख तक LTCG टैक्स-फ्री है? A: हाँ, लिस्टेड इक्विटी शेयर और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर LTCG ₹1.25 लाख तक टैक्स-फ्री है।

Q: प्रॉपर्टी बेचने पर टैक्स कैसे बचाएँ? A: Section 54 (नई प्रॉपर्टी) या Section 54EC (कैपिटल गेन्स बॉन्ड) में निवेश करें।

Q: शेयर पर STCG कब लगता है? A: लिस्टेड शेयर 12 महीने से पहले बेचने पर 20% STCG लगता है।


आपको ये भी काम आ सकता है

संबंधित गाइड

इनकम टैक्स नोटिस का जवाब कैसे दें — पूरी गाइड

इनकम टैक्स नोटिस समझने और जवाब देने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड। Section 143, 148, 245 और सभी सामान्य नोटिस प्रकार।

ग्रेच्युटी vs प्रोविडेंट फंड — मुख्य अंतर, गणना और टैक्स नियम

ग्रेच्युटी और प्रोविडेंट फंड (PF) के बीच अंतर — पात्रता, गणना फॉर्मूला, टैक्स उपचार, निकासी नियम और दोनों रिटायरमेंट लाभ कैसे काम करते हैं।

Form 16 डाउनलोड गाइड — Form 16 कैसे प्राप्त करें और समझें

भारत में Form 16 की पूरी गाइड। नियोक्ता या TRACES से Form 16 कैसे डाउनलोड करें, इसके भाग समझें और ITR फाइलिंग में उपयोग करें।

NPS vs PPF — रिटायरमेंट बचत के लिए कौन बेहतर

रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए NPS और PPF की विस्तृत तुलना — रिटर्न, टैक्स लाभ, लॉक-इन, निकासी नियम, जोखिम और कौन सी योजना आपके रिटायरमेंट लक्ष्यों के लिए उपयुक्त।

NPS अकाउंट — National Pension System ऑनलाइन कैसे खोलें

eNPS से NPS अकाउंट ऑनलाइन खोलने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड। Tier 1 vs Tier 2, 80CCD टैक्स बेनिफिट, फंड चॉइस, और निकासी नियम।