इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) ऑनलाइन कैसे फाइल करें — चरण-दर-चरण गाइड
इनकम टैक्स पोर्टल पर ITR ऑनलाइन फाइल करने की पूरी गाइड। कौन सा फॉर्म इस्तेमाल करें, ज़रूरी दस्तावेज़, चरण-दर-चरण ई-फाइलिंग प्रक्रिया।
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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) क्या है?
इनकम टैक्स रिटर्न एक फॉर्म है जो आप इनकम टैक्स विभाग को देते हैं जिसमें एक वित्तीय वर्ष में अर्जित कुल आय और उस पर चुकाए गए कर की घोषणा होती है। अगर आपकी आय बुनियादी छूट सीमा से अधिक है तो ITR फाइल करना अनिवार्य है।
किसे ITR फाइल करना ज़रूरी है?
अनिवार्य फाइलिंग (FY 2025-26)
| श्रेणी | आय सीमा |
|---|---|
| 60 वर्ष से कम व्यक्ति | ₹3,00,000 से अधिक (पुरानी व्यवस्था) / ₹7,00,000 (नई व्यवस्था) |
| वरिष्ठ नागरिक (60-80 वर्ष) | ₹3,00,000 से अधिक |
| अति वरिष्ठ नागरिक (80+) | ₹5,00,000 से अधिक |
| कंपनियाँ और फर्म | सभी (आय से अलग) |
इन स्थितियों में भी अनिवार्य:
- बैंक खातों में ₹1 करोड़+ जमा किया है
- विदेश यात्रा पर ₹2 लाख+ खर्च किया है
- बिजली बिल ₹1 लाख से अधिक है
- टैक्स रिफंड क्लेम करना है
- विदेशी स्रोतों से आय है
- भारत के बाहर संपत्ति है
कौन सा ITR फॉर्म इस्तेमाल करें?
| फॉर्म | कौन इस्तेमाल करे |
|---|---|
| ITR-1 (सहज) | ₹50 लाख तक आय वाले वेतनभोगी (सैलरी + एक मकान + ब्याज) |
| ITR-2 | कैपिटल गेन, विदेशी आय, या एक से अधिक प्रॉपर्टी वाले व्यक्ति |
| ITR-3 | व्यापार/पेशे की आय (व्यक्ति और HUF) |
| ITR-4 (सुगम) | अनुमानित आय (धारा 44AD/44ADA के तहत छोटा व्यापार) |
अधिकतर वेतनभोगी कर्मचारी: अगर आय ₹50 लाख से कम है और सिर्फ़ सैलरी, एक मकान और ब्याज आय से है तो ITR-1 इस्तेमाल करें।
ज़रूरी दस्तावेज़/जानकारी
शुरू करने से पहले ये इकट्ठा करें:
- फॉर्म 16 (नियोक्ता से — TDS प्रमाणपत्र)
- फॉर्म 26AS / AIS (Annual Information Statement — इनकम टैक्स पोर्टल से डाउनलोड)
- बैंक स्टेटमेंट (सभी खाते — ब्याज आय)
- निवेश प्रमाण (80C, 80D, NPS, आदि)
- होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
- कैपिटल गेन स्टेटमेंट (ब्रोकर, म्यूचुअल फंड से)
- PAN से लिंक आधार
- बैंक अकाउंट विवरण (रिफंड क्रेडिट के लिए)
चरण-दर-चरण प्रक्रिया — ऑनलाइन ई-फाइलिंग
चरण 1: इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन
incometax.gov.in पर जाएँ → PAN को User ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।
पहली बार? PAN, आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें।
चरण 2: फॉर्म 26AS और AIS डाउनलोड करें
- e-File → Income Tax Returns → View Form 26AS पर जाएँ
- सभी वित्तीय लेन-देन के लिए AIS (Annual Information Statement) भी जाँचें
- अपने Form 16 से TDS राशि मिलाएँ
चरण 3: फाइलिंग शुरू करें
e-File → Income Tax Returns → File Income Tax Return पर जाएँ
- Assessment Year चुनें (जैसे FY 2025-26 के लिए AY 2026-27)
- फाइलिंग मोड चुनें: Online (अधिकतर के लिए अनुशंसित)
- ITR फॉर्म चुनें (अधिकतर वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए ITR-1)
- फाइलिंग कारण चुनें (समय पर / विलंबित / संशोधित)
चरण 4: प्री-फिल्ड डेटा
पोर्टल इनसे डेटा ऑटो-फिल करता है:
- Form 16 (सैलरी, TDS)
- बैंक ब्याज (AIS से)
- पिछले वर्ष की फाइलिंग
ध्यान से रिव्यू करें। गलतियाँ सुधारें।
चरण 5: आय विवरण दर्ज करें
- सैलरी: सकल वेतन, छूट (HRA, LTA) सत्यापित करें
- मकान संपत्ति: किराया आय, होम लोन ब्याज
- अन्य स्रोत: बैंक ब्याज, FD ब्याज, लाभांश
- कैपिटल गेन: इक्विटी, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी बिक्री
चरण 6: कटौतियाँ दर्ज करें
- धारा 80C: PPF, ELSS, LIC, EPF, ट्यूशन फीस (अधिकतम ₹1.5 लाख)
- धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम
- धारा 80CCD(1B): NPS अतिरिक्त कटौती (₹50,000)
- धारा 24: होम लोन ब्याज (₹2 लाख तक)
- अन्य लागू कटौतियाँ
चरण 7: कर की गणना
पोर्टल स्वचालित रूप से गणना करता है:
- कुल आय
- कर देयता
- पहले से चुकाया गया TDS
- देय कर या रिफंड बकाया
अगर कर देय है, तो सबमिट करने से पहले e-Pay Tax (Challan 280) से भुगतान करें।
चरण 8: सत्यापित करें और सबमिट करें
गणना सारांश रिव्यू करें → सबमिट।
चरण 9: ई-वेरिफाई करें (अनिवार्य)
फाइलिंग के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई करना ज़रूरी है। विकल्प:
- आधार OTP (सबसे आसान — आधार-लिंक्ड मोबाइल पर OTP)
- नेट बैंकिंग (अपने बैंक से लॉगिन)
- बैंक अकाउंट EVC (बैंक-पंजीकृत मोबाइल/ईमेल पर OTP)
- डीमैट अकाउंट EVC
- भौतिक सत्यापन (हस्ताक्षरित ITR-V CPC बेंगलुरु भेजें — अंतिम उपाय)
बिना ई-वेरिफिकेशन के, आपका ITR फाइल नहीं माना जाता!
शुल्क
| सेवा | शुल्क |
|---|---|
| ई-फाइलिंग ITR | मुफ्त (इनकम टैक्स पोर्टल पर) |
| विलंब शुल्क (31 जुलाई के बाद) | ₹1,000 से ₹5,000 |
| संशोधित रिटर्न | मुफ्त |
| CA-सहायता फाइलिंग | ₹500 - ₹5,000 (निजी, वैकल्पिक) |
महत्वपूर्ण तिथियाँ (FY 2025-26)
| तिथि | किसके लिए |
|---|---|
| 31 जुलाई, 2026 | व्यक्ति, HUF (गैर-ऑडिट) |
| 31 अक्टूबर, 2026 | ऑडिट आवश्यक व्यापार |
| 30 नवंबर, 2026 | ट्रांसफर प्राइसिंग मामले |
| 31 दिसंबर, 2026 | विलंबित/संशोधित रिटर्न |
ITR स्टेटस / रिफंड कैसे जाँचें
- incometax.gov.in पर लॉगिन करें
- e-File → Income Tax Returns → View Filed Returns पर जाएँ
- प्रोसेसिंग स्थिति जाँचें
- रिफंड स्थिति: e-File → Income Tax Returns → View Refund Status
रिफंड समय: ई-वेरिफिकेशन के बाद आमतौर पर 20-45 दिन।
महत्वपूर्ण सुझाव
- 31 जुलाई से पहले फाइल करें — विलंब शुल्क और ब्याज से बचें
- फाइलिंग के तुरंत बाद ई-वेरिफाई करें — यह कदम न भूलें!
- AIS ध्यान से जाँचें — AIS में दिखाई सभी आय की रिपोर्ट करें ताकि नोटिस से बचें
- सही व्यवस्था चुनें — नई कर व्यवस्था (कम दरें, कम कटौती) बनाम पुरानी व्यवस्था (अधिक कटौती)। फाइल करने से पहले दोनों की तुलना करें।
- 7 साल तक रिकॉर्ड रखें — टैक्स विभाग 6 साल तक पुनर्मूल्यांकन कर सकता है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न: क्या मैं CA के बिना खुद ITR फाइल कर सकता हूँ? उत्तर: हाँ। वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए इनकम टैक्स पोर्टल उपयोगकर्ता-अनुकूल है। ऑटो-पॉपुलेटेड डेटा से ITR-1 आसानी से फाइल हो जाता है।
प्रश्न: ITR फाइल करने की अंतिम तिथि क्या है? उत्तर: व्यक्तियों (गैर-ऑडिट) के लिए 31 जुलाई। इसके बाद ₹1,000-₹5,000 विलंब शुल्क लगता है।
प्रश्न: अंतिम तिथि चूक जाएँ तो? उत्तर: 31 दिसंबर तक विलंबित रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन जुर्माने के साथ। हानि को आगे ले जाने की क्षमता भी खो देंगे।
प्रश्न: रिफंड मिलने में कितना समय लगता है? उत्तर: आमतौर पर ई-वेरिफिकेशन के 20-45 दिन बाद। रिफंड सीधे PAN से जुड़े बैंक खाते में जमा होता है।
प्रश्न: क्या ITR फाइल करने के लिए आधार-PAN लिंक अनिवार्य है? उत्तर: हाँ। आधार-PAN लिंकिंग अनिवार्य है। बिना लिंक किया PAN निष्क्रिय हो जाता है और ITR फाइल नहीं कर सकते।
प्रश्न: कौन सी कर व्यवस्था चुनें — पुरानी या नई? उत्तर: अगर आपके पास महत्वपूर्ण कटौतियाँ हैं (होम लोन, 80C निवेश, HRA), तो पुरानी व्यवस्था बेहतर हो सकती है। कम कटौतियाँ होने पर, कम कर दरों वाली नई व्यवस्था आमतौर पर फायदेमंद है। पोर्टल दोनों की तुलना करने देता है।
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