Tax & Finance

फिक्स्ड डिपॉजिट vs रिकरिंग डिपॉजिट — आपके लिए कौन बेहतर?

FD और RD की तुलना — ब्याज दरें, टैक्स नियम, प्रीमैच्योर निकासी और कौन सा बचत विकल्प आपके लिए उपयुक्त।

9 मिनट पढ़ने का समय
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अस्वीकरण: यह एक स्वतंत्र सूचनात्मक गाइड है। हम किसी भी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं हैं। कृपया हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जाँच करें।

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FD vs RD — अवलोकन

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) भारत में सबसे लोकप्रिय बचत विकल्प हैं। दोनों गारंटीड रिटर्न देते हैं, लेकिन निवेश का तरीका, ब्याज गणना और लचीलेपन में अंतर है।

FD क्या है?

FD में आप एकमुश्त राशि एक निश्चित अवधि के लिए जमा करते हैं। ब्याज दर जमा के समय निर्धारित हो जाती है और पूरी अवधि तक वही रहती है।

RD क्या है?

RD में आप हर महीने निश्चित राशि जमा करते हैं। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो एकमुश्त राशि नहीं दे सकते लेकिन नियमित बचत करना चाहते हैं।

FD vs RD — विस्तृत तुलना

पैरामीटर FD RD
निवेश का तरीका एकमुश्त मासिक किस्त
न्यूनतम राशि ₹1,000 (बैंक अनुसार) ₹100/माह (बैंक अनुसार)
ब्याज दर थोड़ी ज़्यादा FD से थोड़ी कम
ब्याज गणना पूरी राशि पर पूरी अवधि हर किस्त पर शेष अवधि
अवधि 7 दिन से 10 वर्ष 6 महीने से 10 वर्ष
प्रीमैच्योर निकासी पेनल्टी के साथ संभव पेनल्टी के साथ संभव
टैक्स ब्याज पर TDS + आय में जोड़ा जाता है ब्याज पर TDS + आय में जोड़ा जाता है
लोन सुविधा FD के 90% तक RD के 90% तक
ऑटो-रिन्यूअल उपलब्ध नहीं

ब्याज दर तुलना (प्रमुख बैंक)

बैंक FD दर (1-3 वर्ष) RD दर (1-3 वर्ष)
SBI 6.80% 6.50%
HDFC Bank 7.00% 6.75%
ICICI Bank 7.00% 6.75%
पोस्ट ऑफिस 7.00% (1 वर्ष) 6.70%

दरें बदलती रहती हैं। नवीनतम दरों के लिए बैंक की वेबसाइट देखें।

कौन सा चुनें?

FD चुनें अगर:

  • आपके पास एकमुश्त राशि है
  • ज़्यादा रिटर्न चाहिए
  • निश्चित अवधि तक पैसे की ज़रूरत नहीं
  • टैक्स-सेविंग FD (5 वर्ष) से 80C लाभ चाहिए

RD चुनें अगर:

  • मासिक बचत की आदत बनानी है
  • एकमुश्त राशि उपलब्ध नहीं है
  • नियमित आय से छोटी-छोटी राशि बचाना चाहते हैं
  • किसी लक्ष्य (शिक्षा, यात्रा) के लिए पैसे जमा कर रहे हैं

टैक्स नियम

  • FD और RD दोनों पर ब्याज कर योग्य आय है
  • ₹40,000/वर्ष (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से ज़्यादा ब्याज पर 10% TDS कटता है
  • PAN नहीं दिया तो 20% TDS
  • टैक्स-सेविंग FD (5 वर्ष लॉक-इन) पर धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती

प्रीमैच्योर निकासी

FD प्रीमैच्योर निकासी

  • ज़्यादातर बैंक 0.5-1% पेनल्टी लगाते हैं
  • ब्याज दर कम हो जाती है (लागू अवधि की दर - पेनल्टी)
  • कुछ बैंक पार्शियल विड्रॉल की अनुमति देते हैं

RD प्रीमैच्योर निकासी

  • बैंक अनुसार पेनल्टी लागू
  • पोस्ट ऑफिस RD में 3 वर्ष बाद प्रीमैच्योर क्लोज़ कर सकते हैं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FD में ज़्यादा रिटर्न मिलता है या RD में?

FD में थोड़ा ज़्यादा रिटर्न मिलता है क्योंकि पूरी राशि शुरू से ब्याज कमाती है। RD में हर किस्त का ब्याज उसकी जमा तिथि से शुरू होता है।

क्या वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज मिलता है?

हाँ। ज़्यादातर बैंक वरिष्ठ नागरिकों (60+) को FD और RD दोनों पर 0.25-0.75% अतिरिक्त ब्याज देते हैं।

टैक्स-सेविंग FD और सामान्य FD में क्या अंतर है?

टैक्स-सेविंग FD 5 वर्ष लॉक-इन के साथ आती है और धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती देती है। प्रीमैच्योर निकासी या लोन उपलब्ध नहीं।


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